Bollywood hero
Bollywood कितना उपयोगी है!
सोचो वो दिन कैसे रहे होंगे जब फिल्में(movies) नहीं हुआ करती थी। टीवी सीरियल नहीं आते थे। कठिन परिश्रम के बाद पेट भरने को भोजन मिलता था।
आज भी बहुत सी जगह ऐसा परिवेश देखने को मिल सकता है।
आखिर फिल्मों ने समाज को दिया ही क्या है।
आप भले ही इनको मनोरंजन के साधन के रूप में देखते होंगे लेकिन ये फिल्में भारतीय सभ्यता और संस्कृति को बर्बाद करने की बहुत बड़ी साजिश है।
भारत को आखिर बॉलीवुड ने दिया क्या है!
बलात्कार, गैंग रेप करने के तरीके, विवाह किये बिना लड़का-लड़की का शारीरिक सम्बन्ध बनाना, विवाह के दौरान लड़की को मंडप से भगाना,
चोरी,डकैती करने की विधि, भारतीय संस्कारों का उपहास उड़ाना, लड़कियों को छोटे कपड़े पहनने की सीख देना जिसे फैशन का नाम दिया।
दारू सिगरेट, चरस, गांजा कैसे पिया और लाया जाये, मांस आहार करना।
गुंडागर्दी कर के हफ्ता वसूली करना।
भगवान का मजाक बनाना और अपमानित करना।
भारतीय संस्कृति को मूर्खता पूर्ण बताना और पश्चिमी संस्कृति को श्रेष्ठ बताना।
माँ बाप को वृध्दाश्रम छोड़ के आना।
गाय पालन को मज़ाक बनाना और कुत्तों को उनसे श्रेष्ठ बताना और पालना सिखाना।
रोटी हरी सब्ज़ी खाना गलत बल्कि रेस्टोरेंट में पिज़्ज़ा बर्गर कोल्ड ड्रिंक और नॉन वेज खाना श्रेष्ठ है।
अजीबो- गरीब स्टाइल (गजनी) रखना व क्रॉस पहनना श्रेष्ठ है उससे आप सभ्य लगते हैं।
शुद्ध हिन्दी या संस्कृत बोलना हास्य वाली बात है।
हमारे देश की युवा पीढ़ी बॉलीवुड को और उसके अभिनेता और अभिनेत्रियों का अपना आदर्श मानती है।
वर्तमान में बलात्कार, डकैती, हत्या, किडनैपिंग, आत्महत्या, नशाखोरी जैसे अपराधों को बढ़ावा देने का प्रमुख कारण है अश्लील फिल्में गाने, टीवी सीरियल है। जिसे देखकर युवा वर्ग विचलित होता है और ऐसे अपराध को अंजाम देता हैं। अगर फिल्मों की जगह संत रामपाल जी महाराज के आध्यात्मिक सत्संग सभी TV चैनलों पर चलाए जाए तो एक सभ्य समाज अपराध मुक्त स्वच्छ समाज का निर्माण होगा। क्योकि जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के अनुयायी ना चोरी करते है, ना रिश्वत लेते है, ना किसी प्रकार का नशा करते है, ना दहेज लेते है, ना मृत्युभोज करते है, ना हत्या करते है, ना डकैती करते है, ना मांस खाते है, ना छुआछूत करते है। वे सबसे प्रेम से रहते है, जाति धर्म का भेदभाव नहीं करते है, परनारी को आयु अनुसार माँ बहन बेटी समान मानते है। वास्तव में संत रामपाल जी महाराज बुराइयों और कुप्रथाओं से मुक्त स्वच्छ समाज का निर्माण कर रहे है। उन्ही के प्रयासों से भारत विश्वगुरु बनेगा।
अतः सभी टीवी चैनलों पर संत रामपाल जी महाराज के सत्संग लागू किया जाना चाहिए। साथ ही सभी विद्यालयों और विश्विद्यालयों के पाठ्यक्रम में संत रामपाल जी महाराज द्वारा लिखित पुस्तकें जैसे जीने की राह , ज्ञान आदि को लागू किया जाना चाहिए।
सोचो वो दिन कैसे रहे होंगे जब फिल्में(movies) नहीं हुआ करती थी। टीवी सीरियल नहीं आते थे। कठिन परिश्रम के बाद पेट भरने को भोजन मिलता था।
आज भी बहुत सी जगह ऐसा परिवेश देखने को मिल सकता है।
आखिर फिल्मों ने समाज को दिया ही क्या है।
आप भले ही इनको मनोरंजन के साधन के रूप में देखते होंगे लेकिन ये फिल्में भारतीय सभ्यता और संस्कृति को बर्बाद करने की बहुत बड़ी साजिश है।
भारत को आखिर बॉलीवुड ने दिया क्या है!
बलात्कार, गैंग रेप करने के तरीके, विवाह किये बिना लड़का-लड़की का शारीरिक सम्बन्ध बनाना, विवाह के दौरान लड़की को मंडप से भगाना,
चोरी,डकैती करने की विधि, भारतीय संस्कारों का उपहास उड़ाना, लड़कियों को छोटे कपड़े पहनने की सीख देना जिसे फैशन का नाम दिया।
दारू सिगरेट, चरस, गांजा कैसे पिया और लाया जाये, मांस आहार करना।
गुंडागर्दी कर के हफ्ता वसूली करना।
भगवान का मजाक बनाना और अपमानित करना।
भारतीय संस्कृति को मूर्खता पूर्ण बताना और पश्चिमी संस्कृति को श्रेष्ठ बताना।
माँ बाप को वृध्दाश्रम छोड़ के आना।
गाय पालन को मज़ाक बनाना और कुत्तों को उनसे श्रेष्ठ बताना और पालना सिखाना।
रोटी हरी सब्ज़ी खाना गलत बल्कि रेस्टोरेंट में पिज़्ज़ा बर्गर कोल्ड ड्रिंक और नॉन वेज खाना श्रेष्ठ है।
अजीबो- गरीब स्टाइल (गजनी) रखना व क्रॉस पहनना श्रेष्ठ है उससे आप सभ्य लगते हैं।
शुद्ध हिन्दी या संस्कृत बोलना हास्य वाली बात है।
हमारे देश की युवा पीढ़ी बॉलीवुड को और उसके अभिनेता और अभिनेत्रियों का अपना आदर्श मानती है।
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वर्तमान में बलात्कार, डकैती, हत्या, किडनैपिंग, आत्महत्या, नशाखोरी जैसे अपराधों को बढ़ावा देने का प्रमुख कारण है अश्लील फिल्में गाने, टीवी सीरियल है। जिसे देखकर युवा वर्ग विचलित होता है और ऐसे अपराध को अंजाम देता हैं। अगर फिल्मों की जगह संत रामपाल जी महाराज के आध्यात्मिक सत्संग सभी TV चैनलों पर चलाए जाए तो एक सभ्य समाज अपराध मुक्त स्वच्छ समाज का निर्माण होगा। क्योकि जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के अनुयायी ना चोरी करते है, ना रिश्वत लेते है, ना किसी प्रकार का नशा करते है, ना दहेज लेते है, ना मृत्युभोज करते है, ना हत्या करते है, ना डकैती करते है, ना मांस खाते है, ना छुआछूत करते है। वे सबसे प्रेम से रहते है, जाति धर्म का भेदभाव नहीं करते है, परनारी को आयु अनुसार माँ बहन बेटी समान मानते है। वास्तव में संत रामपाल जी महाराज बुराइयों और कुप्रथाओं से मुक्त स्वच्छ समाज का निर्माण कर रहे है। उन्ही के प्रयासों से भारत विश्वगुरु बनेगा।
अतः सभी टीवी चैनलों पर संत रामपाल जी महाराज के सत्संग लागू किया जाना चाहिए। साथ ही सभी विद्यालयों और विश्विद्यालयों के पाठ्यक्रम में संत रामपाल जी महाराज द्वारा लिखित पुस्तकें जैसे जीने की राह , ज्ञान आदि को लागू किया जाना चाहिए।



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